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UN में जयशंकर ने आतंकवाद पर सख्त रुख दोहराया, समुद्री सुरक्षा और संयम पर भी जोर

26 सितंबर के संबोधन में विदेश मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति रखी। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा, व्यापारिक जहाजों और वैश्विक आपूर्ति से जुड़े मुद्दे भी उठाए।

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल की 2011 की तस्वीर; जयशंकर के 2026 संबोधन का दृश्य नहीं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल, न्यूयॉर्क, 23 अप्रैल 2011 की फाइल तस्वीर। यह जयशंकर के सितंबर 2026 के संबोधन का दृश्य नहीं है। फोटो: Basil D Soufi / Wikimedia Commons / CC BY-SA 3.0।

मुख्य बातें

  • विदेश मंत्री ने आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य सहनशीलता की नीति दोहराई।
  • वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमलों को अस्वीकार्य बताया।
  • नागरिक सुरक्षा, संयम और वैश्विक संस्थाओं में बदलाव के मुद्दे उठाए।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का पक्ष रखते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति दोहराई। स्वतंत्र समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, उनके संबोधन में क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ ऐसे वैश्विक तनाव भी शामिल थे जिनका असर व्यापार, ऊर्जा और विकासशील देशों पर पड़ता है। Indian Express — Divya A, 27 सितंबर 2026, 05:41 IST · Business Standard — Akshita Singh, 26 सितंबर 2026, 23:41 IST

आतंकवाद पर क्या कहा

जयशंकर ने कहा कि भारत आतंकवाद को सामान्य व्यवहार की तरह स्वीकार नहीं करेगा और अपनी रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा। Indian Express के अनुसार, आतंकवाद का बार-बार इस्तेमाल करने वाले देश से संबंधित उनकी टिप्पणी में पाकिस्तान का नाम सीधे नहीं लिया गया था। अखबार ने इसे एक दिन पहले हुए शहबाज शरीफ के संबोधन के संदर्भ में प्रस्तुत किया। ये विदेश मंत्री के आरोप और भारत का कूटनीतिक पक्ष हैं; इन्हें इस खबर में स्वतंत्र जांच से स्थापित निष्कर्ष नहीं माना गया है। Indian Express — Divya A, 27 सितंबर 2026, 05:41 IST

समुद्री रास्ते और नागरिकों की सुरक्षा

Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री ने वाणिज्यिक जहाजों तथा नाविकों को निशाना बनाए जाने का विरोध किया। उन्होंने संघर्ष के बीच संयम, नागरिकों की सुरक्षा और टकराव समाप्त करने की जरूरत पर भी जोर दिया। विकासशील देशों के लिए भोजन, ईंधन, उर्वरक और वित्त की उपलब्धता को उन्होंने विशेष चिंता के तौर पर रखा। Business Standard — Akshita Singh, 26 सितंबर 2026, 23:41 IST

The Statesman ने उनके भाषण में बदलती विश्व व्यवस्था और संयुक्त राष्ट्र सुधार की मांग को भी प्रमुख बिंदु बताया। इससे संबोधन का दायरा केवल पड़ोसी देशों के बीच विवाद तक सीमित नहीं रहा; इसमें मौजूदा वैश्विक संस्थाओं की उपयोगिता का सवाल भी जुड़ा। The Statesman — News Service, 27 सितंबर 2026, 07:15 IST

विश्लेषण: भारतीय पाठकों के लिए इसका महत्व

समुद्री मार्गों की सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का मुद्दा विदेश नीति को रोजमर्रा की अर्थव्यवस्था से जोड़ता है। भाषण में इन विषयों को साथ रखने से भारत का संदेश दो स्तरों पर दिखाई देता है: अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताएं रखना और व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत बताना। यह भाषण की रिपोर्टों से निकला विश्लेषण है।

किसी संबोधन से अपने-आप नया समझौता, आर्थिक राहत या संघर्ष का समाधान नहीं निकलता। आगे वास्तविक कसौटी संबंधित देशों की प्रतिक्रिया, कूटनीतिक बातचीत और ठोस बहुपक्षीय कदम होंगे। इस लेख में किसी नई संधि या तत्काल नीति परिवर्तन का दावा नहीं किया गया है।

शोध कटऑफ: 27 सितंबर 2026, 08:28 IST।

चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Basil D Soufi · CC BY-SA 3.0। विकीमीडिया द्वारा उपलब्ध कराया गया छोटा आकार; कोई क्रॉप, नया टेक्स्ट या ओवरले नहीं।

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Sources

  • Indian Express — Divya A | 27 सितंबर 2026, 05:41 IST | https://indianexpress.com/article/world/jaishankar-unga-speech-pakistan-serial-practitioner-terrorism-shehbaz-sharif-10895455/
  • Business Standard — Akshita Singh | 26 सितंबर 2026, 23:41 IST | https://www.business-standard.com/external-affairs-defence-security/news/s-jaishankar-at-unga-india-zero-tolerance-approach-to-terrorism-126092601016_1.html
  • The Statesman — News Service | 27 सितंबर 2026, 07:15 IST | https://www.thestatesman.com/india/pakistan-ai-ukraine-and-a-changing-world-order-5-key-takeaways-from-jaishankars-un-speech-1503643479.html

SADDAM ADIL

Editor-in-chief

Saddam Adil is a journalist and digital media professional focused on delivering clear, factual, and engaging news. As a reporter for Chopal, he covers important national and global developments with a focus on accuracy, public interest, and responsible...

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