India

कब्बू किसानों का आंदोलन तेज: ₹5,500 प्रति टन की मांग पर बेलगावी में सभा बेनतीजा

बेलगावी में कब्बू किसानों की ₹5,500 प्रति टन की मांग पर सभा बेनतीजा रही। किसानों ने जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है।

कब्बू किसानों का आंदोलन तेज: ₹5,500 प्रति टन की मांग पर बेलगावी में सभा बेनतीजा
Photo: Manjunath Doddamani Gajendragad at en.wikipedia / Wikimedia Commons, CC0 (cropped) · Licence

कर्नाटक के बेलगावी जिले में कब्बू (गन्ना) किसान प्रति टन ₹5,500 की कीमत की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में समझौता नहीं हो सका, और किसानों ने अपनी मांग से पीछे हटने से इनकार कर दिया है। इसके बाद फिर से सड़क पर उतरने के संकेत दिए गए हैं।

बैठक में क्या हुआ

बैठक की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री सतीश जारकिहोली, प्रभारी जिलाधिकारी और जिला पंचायत के सीईओ राहुल शिंदे ने की। इसमें करीब 300 किसान, कई किसान संगठनों के नेता और चीनी मिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

किसान नेताओं ने कीमत तय करने के अलग-अलग पैमाने रखे और कहा कि चीनी के अलावा शीरा (मोलासिस), एथेनॉल और बगास जैसे उप-उत्पादों से मिलों की आमदनी होती है, लेकिन उसका उचित हिस्सा किसानों तक नहीं पहुंचता। उन्होंने यह भी कहा कि गन्ने की पैदावार घट रही है, बिजली के तारों से फसल को नुकसान हो रहा है और पानी की कमी भी है।

रैयत नेता गणेश इलिगेर ने कहा कि बार-बार भाषण देने से कोई फायदा नहीं, सरकारों पर किस तरह दबाव डाला गया, यह भी बताया जाए। उनकी मांग थी कि मिलें ₹4,500 और राज्य सरकार ₹1,000 प्रोत्साहन राशि देकर कुल ₹5,500 की घोषणा करे।

किसानों की मांगें और सरकार की स्थिति

बैठक में एक सुझाव भी आया कि फिलहाल ₹4,000 प्रति टन देकर मिलें शुरू हों और बाकी ₹1,500 बाद में दिए जाएं। किसान नेता प्रवीण ने बताया कि उनके पास करीब एक हजार टन गन्ना कटाई के लिए तैयार है, लेकिन दो महीने से कटाई न होने से वजन और उपज दोनों में नुकसान हो रहा है।

एक अन्य नेता चुन्नप्पा पूजेरी ने कहा कि एमएसपी उनके लिए मिलों से भी ज्यादा अहम है और आंदोलन के लिए पैसे लेने के आरोप गलत हैं। शशिकांत गुरुजी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बेलगावी आने पर उम्मीद थी कि कीमत घोषित होगी, पर एक पैसे की भी घोषणा नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी न हुई तो जेल भरो आंदोलन होगा।

दूसरी ओर, किसान नेताओं के अनुसार मिल मालिक ₹4,500 देने को तैयार नहीं दिख रहे, और राज्य सरकार की ओर से ₹1,000 प्रोत्साहन राशि मिलना भी मुश्किल लग रहा है। ये दावे किसान संगठनों के हैं और आधिकारिक तौर पर इनकी पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशासन की कार्रवाई और मुख्यमंत्री का बयान

बेलगावी से जुड़े हाईवे पर प्रदर्शन रोकने के लिए धारवाड़ जिलाधिकारी स्नेहल आर ने चार राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। ये आदेश पुणे–बेंगलुरु, हुबली–अंकोला, नवलगुंद–सोलापुर और हुबली–बल्लारी मार्गों और उनके आसपास के पांच किलोमीटर क्षेत्र पर लागू है। प्रशासन के अनुसार यह कदम शांति और यातायात बनाए रखने तथा आपात सेवाओं के लिए है।

बेलगावी के केंद्रीय बस स्टैंड पर भी प्रदर्शन शुरू हुआ है और वहां पुलिस तैनात की गई है। कर्नाटक बंद का आह्वान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने किसानों और संबंधित पक्षों से समस्या सुलझाने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित को प्राथमिकता देती है और फसल नुकसान की भरपाई के विकल्प देखे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की ओर से कुछ आश्वासन मिले हैं, जिस पर किसानों में असंतोष की खबरें उन्हें मिली हैं।

आगे क्या

किसानों ने बुधवार को फिर बैठक कर कीमत तय करने और चीनी मिलें तुरंत शुरू करने की मांग रखी है। नवंबर 26 तक एमएसपी पर फैसला करने की मांग भी उठी है। अभी तक कीमत पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। किसान संगठन आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, इसलिए आने वाले दिनों में प्रदर्शन और सड़क जाम की स्थिति बन सकती है।

ख़बर का सार: गन्ने की कीमत पर अब तक सहमति नहीं बनी है, मिलें और सरकार दोनों पर किसानों का दबाव है, और प्रशासन ने हाईवे पर निषेधाज्ञा लगाकर स्थिति पर नज़र रखी है।

SADDAM ADIL

Editor-in-chief

Saddam Adil is a journalist and digital media professional focused on delivering clear, factual, and engaging news.

Read next

The Chopal Brief

The day's most important stories, straight to your inbox.