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प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर में CRPF जवानों संग दिवाली मनाई, नक्सलवाद पर कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ के बस्तर में CRPF जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे और कहा कि नक्सलवाद का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर में CRPF जवानों संग दिवाली मनाई, नक्सलवाद पर कही बड़ी बात
Photo: Narendra Modi / Wikimedia Commons, CC BY 2.0 (cropped) · Licence

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में कोबरा ऑपरेशंस बेस पर CRPF जवानों के बीच दिवाली मनाई। इस मौके पर उन्होंने करीब 42 मिनट का भाषण दिया। उन्होंने कहा कि जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों का सफाया हो चुका है, लेकिन नक्सलवाद का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

प्रधानमंत्री के मुताबिक, अब खतरा "दिमागी नक्सलियों" से है। उनका दावा था कि ऐसे लोग कई राजनीतिक संगठनों में घुसपैठ कर चुके हैं और लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं। उन्होंने इनकी पहचान कर उन्हें खत्म करने की जरूरत बताई।

नक्सलवाद और जवानों की शहादत पर बात

मोदी ने कहा कि 2026 की दिवाली इसलिए खास है क्योंकि 40-50 साल बाद पहली बार देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान CRPF के किसी जवान की जान नहीं गई। इसे उन्होंने सुरक्षा बलों के शौर्य, साहस और सरकार की नीतियों की जीत बताया।

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने 2004 से 2013 के बीच का हवाला दिया। उनके अनुसार इस दौरान हर साल नक्सलियों के मुकाबले ज्यादा जवान शहीद हुए। उन्होंने 2010 में दंतेवाड़ा में 76 जवानों की शहादत का भी जिक्र किया।

फंडिंग पर चोट और विकास का दावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के फैसलों से नक्सलियों और अलगाववादियों की फंडिंग पर बड़ी चोट हुई है। उनके मुताबिक नकली नोटों का नेटवर्क भी खत्म किया गया, जिससे उनकी सप्लाई लाइन टूटी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ कदम ऐसे थे जिनकी जानकारी लोगों को आज भी नहीं है।

मोदी ने वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 12 साल में भारत के 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धि बताया। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर के जिस इलाके में कभी नक्सलवाद का आतंक था, वहां अब विकास की नई लहर पहुंच रही है।

इस बार दिवाली कहां, कितनी बार जवानों के साथ

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री ने दिवाली की बधाई देते हुए इस साल का त्योहार कहां मनाया जाएगा, इसकी जानकारी भी दी। वहीं दैनिक भास्कर के अनुसार यह उनकी लगातार 13वीं बार है जब वे जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे। इससे पहले वे 12 मौकों पर देश के अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों में जा चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा तीन बार जम्मू-कश्मीर शामिल है।

प्रधानमंत्री ने जवानों को अपने परिवार का हिस्सा बताते हुए उनके बलिदान और त्याग के लिए 140 करोड़ देशवासियों की ओर से आभार जताया। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर सेना जो भूमिका निभाती है, वही भूमिका देश के भीतर सुरक्षाकर्मी निभाते हैं।

आगे क्या

प्रधानमंत्री के भाषण में नक्सलवाद से जुड़े दावों और पिछली सरकारों के आंकड़ों पर अलग-अलग राय हो सकती है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल इतना तय है कि प्रधानमंत्री ने बस्तर से सुरक्षा बलों को सम्मान देते हुए देश में आंतरिक सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया।

बस्तर में दिए गए इस भाषण से जुड़ी पूरी जानकारी ऊपर दी गई है। आगे की घोषणाओं और नीतियों पर नजर बनी रहेगी।

SADDAM ADIL

Editor-in-chief

Saddam Adil is a journalist and digital media professional focused on delivering clear, factual, and engaging news.

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