डाउ जोंस इंडेक्स में गिरावट: अमेरिकी चुनाव के बाद AI शेयरों में भारी बिकवाली, फिर सुधार के संकेत
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों के बाद AI और चिप कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई। शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में कुछ सुधार दिखा, जबकि भारतीय शेयर बाजार में तेज़ उछाल रहा।
अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट के बाद अब कुछ सुधार दिखने लगा है। डाउ जोंस इंडेक्स से जुड़ी खबरें इन दिनों सर्च में सबसे ज़्यादा देखी जा रही हैं। यह गिरावट अमेरिकी मध्यावधि चुनाव (US midterm) के नतीजों के बाद आई, जिसमें डेमोक्रेट्स को बड़ी जीत मिली है।
चुनाव के बाद क्यों गिरे AI शेयर
रिपोर्टों के मुताबिक निवेशकों को डर है कि AI के लिए बड़े पैमाने पर होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की वसूली में ज़्यादा समय लग सकता है। डेमोक्रेट्स की जीत से डेटा सेंटर परियोजनाओं की कड़ी जांच और नए निर्माण पर रोक या प्रतिबंध की संभावना बढ़ने की चर्चा है। इससे निवेशकों की चिंता और बढ़ी।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, मैकव्वारी रिसर्च (Macquarie Research) ने टेक्सास, जॉर्जिया और ओहायो के चुनावी नतीजों के बाद डेटा सेंटर के लिए संभावित नियामक दिक्कतों की ओर इशारा किया है। बिजली कनेक्शन, पानी की खपत और ज़मीन के नियमों की सख्त जांच से मंज़ूरी में देरी और लागत बढ़ सकती है।
गुरुवार को कितनी गिरावट आई
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को टेक्नोलॉजी पर आधारित नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स 5.5% से ज़्यादा गिरकर बंद हुआ। डाउ जोंस के आंकड़ों के मुताबिक इससे लगभग 2.5 ट्रिलियन डॉलर का बाजार मूल्य घट गया। द हिंदू ने नैस्डैक-100 में 6.36% गिरावट और लगभग 2.53 ट्रिलियन डॉलर घटने की जानकारी दी है।
डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 3.44% गिरा, जबकि S&P 500 में 4.36% की कमी आई। सबसे ज़्यादा असर चिप बनाने वाली कंपनियों पर पड़ा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 12.2% टूट गया। Nvidia के शेयर लगभग 9% गिरे, जबकि AMD और Micron के शेयरों में 17% से ज़्यादा की गिरावट दर्ज हुई।
शुक्रवार को सुधार और एशिया का हाल
शुक्रवार को अमेरिकी बाजार खुलने पर कुछ बड़े नुकसान वाले शेयर संभले। बीबीसी के मुताबिक Nvidia का शेयर 7% से ज़्यादा चढ़ा और एलन मस्क की SpaceX में लगभग 6.19% की बढ़त दिखी, हालांकि ये कंपनियां अभी गुरुवार के भारी नुकसान की भरपाई नहीं कर पाई हैं। AMD और Micron में भी सुधार की खबर है। बीबीसी के बिज़नेस रिपोर्टर ने कहा है कि दिन भर के कारोबार में स्थिति तेज़ी से बदल सकती है।
एशियाई बाजारों में भी इसका असर दिखा। द हिंदू के अनुसार दक्षिण कोरिया का KOSPI 6.02% गिरा, जापान का निक्केई 225 5.96% और ताइवान का TAIEX 4.51% नीचे आया।
भारतीय बाजार में उछाल
इसके उलट भारतीय शेयर बाजार में तेज़ तेज़ी रही। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक सेंसेक्स 1,718 अंक या 2.17% चढ़कर 81,028.02 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 2.01% बढ़कर 25,030.35 पर पहुंचा। 5 नवंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) ने 14,974.68 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 10,444.54 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
कंपनियों की मांग अब भी मजबूत बताई जा रही है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार AMD की डेटा सेंटर आय सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 97% बढ़कर 8.55 अरब डॉलर रही। कंपनी ने 2027 में कुल राजस्व में 80% से ज़्यादा बढ़ोतरी का अनुमान भी जताया है।
आगे क्या हो सकता है
बाजार के जानकार मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में डेटा सेंटर से जुड़े नियमों और कंपनियों की कमाई के नतीजों पर नज़र रहेगी। अमेरिकी बाजार में अभी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अब तक की स्थिति यह है कि अमेरिका में टेक शेयरों में भारी गिरावट के बाद आंशिक सुधार दिखा है, जबकि भारतीय बाजार ने इस गिरावट के बावजूद मज़बूती दिखाई है।