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डॉलर के मुकाबले रुपये में बड़ी तेजी, छह महीने की ऊंचाई पर पहुंचा

शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 93.89 के स्तर तक मजबूत हुआ, जो 7 मई के बाद उसका सबसे मजबूत इंट्राडे स्तर है। विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने सहारा दिया।

डॉलर के मुकाबले रुपये में बड़ी तेजी, छह महीने की ऊंचाई पर पहुंचा
Photo: Ank Kumar / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0 · Licence

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये ने शुक्रवार को शानदार वापसी की। कारोबार की शुरुआत कमजोरी से हुई, लेकिन दिन चढ़ने के साथ रुपया 93.89 के स्तर तक पहुंच गया। यह 7 मई के बाद रुपये का सबसे मजबूत इंट्राडे स्तर है, यानी करीब छह महीने बाद भारतीय करेंसी इस ऊंचाई पर लौटी है।

शुरुआत कमजोर, फिर संभला रुपया

रुपया शुक्रवार को 94.50 पर खुला, जबकि गुरुवार को यह 94.41 पर बंद हुआ था। इस तरह शुरुआत में ही रुपया 9 पैसे कमजोर हो गया। इसके बाद धीरे-धीरे सुधार आया और पहले 94.36 तक पहुंचा, फिर 93.89 तक चढ़ गया।

एक दिन पहले के बंद भाव से रुपया 52 पैसे मजबूत हुआ, जबकि सुबह के खुलने के भाव से यह 61 पैसे ऊपर रहा। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार रुपया दिन के अंत में 93.98 प्रति डॉलर पर बंद हुआ और उसमें 43 पैसे की बढ़त दर्ज हुई।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी से सहारा

रुपये को सबसे बड़ा सहारा विदेशी निवेशकों की खरीदारी से मिला। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में 14,974.68 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में भी तेजी रही, सेंसेक्स 1,700 अंक चढ़कर 81,000 के पार पहुंचा और निफ्टी 25,000 के ऊपर।

दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होने और डॉलर मजबूत होने से रुपये पर शुरुआती दबाव बना। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 2.04% चढ़कर 100.30 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। डॉलर इंडेक्स भी 0.17% चढ़कर 101.71 पर पहुंच गया था।

भारत अपनी तेल और गैस की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। कच्चा तेल महंगा होने पर तेल कंपनियों को ज्यादा डॉलर चाहिए होते हैं, जिससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव आता है।

आगे रुपये की दिशा कैसी रह सकती है

फॉरेन करेंसी एक्सचेंज के एक्सपर्ट्स के मुताबिक आने वाले समय में रुपये का रुख सकारात्मक रह सकता है। मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा कि घरेलू बाजार की मजबूती और विदेशी निवेशकों की बढ़ती खरीदारी रुपये को सहारा दे सकती है। अमेरिका के मिडटर्म चुनावों के बाद डॉलर कमजोर पड़ने और ट्रेजरी यील्ड गिरने से भी रुपये को मजबूती मिल सकती है।

वहीं, युद्ध से जुड़े तनाव और मिडिल ईस्ट के हालात रुपये की तेजी को सीमित कर सकते हैं। बाजार की नजर क्रूड ऑयल की कीमतों और डॉलर की चाल पर भी रहेगी।

अगला कदम: तीन बातों पर नजर

आने वाले दिनों में रुपये की दिशा मुख्य रूप से तीन बातों से तय होगी। पहली, विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में कितना पैसा लगाते हैं। दूसरी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम किस ओर जाते हैं। तीसरी, डॉलर कितना मजबूत रहता है।

इस रिपोर्ट में दिए गए आंकड़े कारोबारी दिन के इंट्राडे स्तर और अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों पर आधारित हैं।

  • इंट्राडे उच्चतम स्तर: 93.89 प्रति डॉलर
  • गुरुवार का बंद भाव: 94.41 प्रति डॉलर
  • एक दिन में मजबूती: 52 पैसे (पिछले बंद भाव से)

SADDAM ADIL

Editor-in-chief

Saddam Adil is a journalist and digital media professional focused on delivering clear, factual, and engaging news.

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