दावे की जाँच

हम दावे का मूल स्रोत खोजते हैं, प्राथमिक दस्तावेज़ों से तुलना करते हैं और आवश्यक होने पर संबंधित विशेषज्ञों से बात करते हैं। निष्कर्ष के साथ प्रमाण और सीमाएँ स्पष्ट की जानी चाहिए।

सही, गलत, भ्रामक या अधूरे संदर्भ का निष्कर्ष पर्याप्त साक्ष्य होने पर ही दिया जाना चाहिए।