सोना चांदी के भाव: चांदी 10 महीने के निचले स्तर पर, जानें खरीदारी से पहले क्या ध्यान रखें
सोना चांदी के भाव में बड़ी हलचल. MCX पर चांदी 27 अक्टूबर को 1.91 लाख रुपये प्रति किलो तक लुढ़की, जो 10 महीने का सबसे निचला स्तर है.
सोना चांदी के भाव इन दिनों सुर्खियों में हैं. मंगलवार, 27 अक्टूबर को MCX पर चांदी लुढ़ककर 1.91 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई, जो पिछले 10 महीनों में सबसे कम है. उसी दिन सर्राफा बाजार में सोना जरूर महंगा हुआ.
चांदी में बड़ी गिरावट, जनवरी के हाई से काफी नीचे
इस साल जनवरी में चांदी की कीमत बढ़कर 4.21 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंची थी. उसके बाद से भाव लगातार नीचे आए हैं. मंगलवार को चांदी में करीब 4,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज हुई और कारोबार के दौरान लगभग 2 फीसदी की कमजोरी दिखी.
रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर में चांदी 2.10 से 2.20 लाख रुपये प्रति किलो के बीच थी. यानी मौजूदा भाव उस दौर से भी नीचे है. एक महीने में चांदी करीब 40 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती हुई है.
सोने में तेजी, रुपये की कमजोरी बनी वजह
इसी दिन सोना 1,457 रुपये महंगा होकर 99.9% शुद्धता वाले 10 ग्राम के लिए 1,46,300 रुपये पर बंद हुआ. ABP News के अनुसार, इसकी एक बड़ी वजह रुपये की कमजोरी रही. डॉलर के मुकाबले रुपया 29 पैसे टूटकर 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है और उसका भुगतान डॉलर में होता है. रुपया कमजोर होने पर आयातकों को उतने ही सोने के लिए ज्यादा रुपये देने पड़ते हैं, जिसका असर घरेलू भाव पर पड़ता है. चांदी का भाव उस दिन लगभग स्थिर रहा और करीब 2,02,000 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव भी सोने-चांदी के दाम ऊपर-नीचे करते हैं. चांदी में गिरावट के पीछे रिपोर्टों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठकों के बीच डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड में तेजी का दबाव बताया है. साथ ही ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग में सुस्ती से चांदी की औद्योगिक मांग थोड़ी कमजोर होने की बात कही गई है.
त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक
उदयपुर से दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी सीजन और करवाचौथ को देखते हुए आभूषण बाजार में खासी रौनक है. सोने-चांदी के भाव में आई नरमी और शोरूम्स के आकर्षक ऑफर्स से ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है.
दिवाली और धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीद आम है, इसलिए बाजार में मांग बढ़ती दिखती है. फिर भी ज्वेलर्स और अलग-अलग बाजारों के भाव में फर्क हो सकता है, इसलिए खरीदने से पहले ताजा रेट जरूर देख लें.
खरीदारी से पहले किन बातों का रखें ध्यान
बाजार विशेषज्ञों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि सिर्फ गिरावट देखकर पूरी रकम एक साथ लगाना नुकसानदेह हो सकता है. किस्तों में निवेश करना समझदारी मानी गई है. एक उदाहरण में 1 किलो चांदी के लिए करीब 2 लाख रुपये की रकम को तीन महीने में 250 ग्राम के हिस्सों में खरीदने की बात कही गई है.
डिजिटल निवेश के लिए सिल्वर ETF या सिल्वर म्यूचुअल फंड FoF का विकल्प बताया गया है, जिसमें हर हफ्ते या हर महीने तय रकम लगाई जा सकती है. फिजिकल चांदी पर मेकिंग चार्ज और GST अलग से लगता है, इसलिए सिक्के या ईंट लेना बेहतर माना गया है. गहनों में 22 और 24 कैरेट का भाव अलग होता है, और मेकिंग चार्ज व GST भी जुड़ता है. खरीदते समय शुद्धता प्रमाण पत्र और पक्का बिल जरूर लें.
आगे क्या, अभी क्या पता है
रिपोर्टों में बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 53-54 फीसदी नीचे ट्रेड कर रही है और तकनीकी रूप से "ओवरसोल्ड" जोन में दिखती है. वैश्विक हालात सुधरने पर चांदी में फिर तेजी आ सकती है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है. आगे के भाव अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों और वैश्विक मांग पर निर्भर करेंगे. खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा भाव जरूर जांच लें.
यह खबर निवेश सलाह नहीं है. निवेश से पहले अपने विशेषज्ञ से सलाह लें.