सोना-चांदी के दाम: अक्टूबर में भारी गिरावट के बाद सोमवार को हल्की रिकवरी
अक्टूबर में सोने-चांदी के दाम लगातार गिरे। अमेरिकी फेड की ब्याज दर बढ़ने की आशंका और कच्चे तेल के दाम से दबाव रहा, सोमवार को हल्की तेजी दिखी।
सोने और चांदी के दाम में अक्टूबर के आखिरी दिनों से लगातार गिरावट आई है। सोमवार, 2 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों धातुओं में हल्की रिकवरी दिखी। निवेशकों की नजर अमेरिकी ब्याज दरों और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है।
दिल्ली में ताजा भाव
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक शनिवार, 31 अक्टूबर को दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 3,200 रुपये गिरकर 1,42,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले शुक्रवार को यह 1,45,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी भी 4,200 रुपये घटकर 1,86,000 रुपये प्रति किलो रह गई, जो शुक्रवार को 1,90,200 रुपये प्रति किलो थी। ये भाव सभी टैक्स मिलाकर हैं।
अक्टूबर में सोने का भाव लगभग 7,300 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव करीब 46,000 रुपये प्रति किलो गिरा। सितंबर के आखिरी दिन से तुलना करें तो यह गिरावट साफ दिखती है।
गिरावट की वजह क्या है
विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल और ऊर्जा की ऊंची कीमतों से महंगाई की चिंता बढ़ी है। इसी वजह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद मजबूत हुई है। ब्याज दर ऊंची होने पर सोना-चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति कम आकर्षक लगती है।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4 प्रतिशत गिरकर 3,875.55 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जो एक साल से ज्यादा का सबसे निचला स्तर था। चांदी 6 प्रतिशत टूटकर 49.12 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इसी दिन टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली से निवेशकों पर मार्जिन कॉल का दबाव बना, और कई निवेशकों ने नुकसान की भरपाई के लिए सोने-चांदी बेचे।
रिपोर्टों में कहा गया है कि चीन में कुछ निवेशकों के नकदी जुटाने के लिए सोना बेचने की खबरें भी हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोमवार को रिकवरी
सोमवार को एशियाई कारोबार में स्पॉट गोल्ड लगभग 0.9 प्रतिशत चढ़कर 3,907.94 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। स्पॉट चांदी 2.2 प्रतिशत बढ़कर 50.16 डॉलर प्रति औंस हो गई। ब्रेंट क्रूड में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आकर 111.15 डॉलर प्रति बैरल रह गया, जिससे महंगाई की चिंता कुछ कम हुई।
प्लैटिनम और पैलेडियम में भी हल्की तेजी रही। विश्लेषक विक्रम सुब्बाराज के अनुसार यह सुधार शुक्रवार की भारी बिकवाली के बाद आया है। वहीं, अमेरिकी फेड के तीन अधिकारियों की टिप्पणियों पर भी बाजार की नजर है, जिन्होंने महंगाई को काबू में करने के लिए आगे ब्याज दर बढ़ाने की बात कही है।
आगे क्या देखें
बाजार दिसंबर में फेड की दर बढ़ोतरी की संभावना लगभग 72 से 75 प्रतिशत आंक रहा है, जैसा कि रिपोर्टों में CME FedWatch टूल के हवाले से बताया गया है। 3 नवंबर को अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और 6 नवंबर को आने वाली अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट पर भी नजर रहेगी। इसके बाद ही सोने-चांदी की दिशा तय होने की उम्मीद है।
घरेलू बाजार के लिए विशेषज्ञ नवंबर में त्योहार और शादी की खरीदारी से मांग को सहारा मिलने की बात कह रहे हैं। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव रह सकता है, पर तेज गिरावट की जगह धीरे-धीरे सुधार की संभावना है।
अभी की स्थिति: सोने-चांदी के दाम अक्टूबर की गिरावट से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अमेरिकी ब्याज दर और कच्चे तेल के रुख पर बाजार की दिशा टिकी है।