चांदी की कीमत में 50% गिरावट: क्या अभी खरीदें या इंतजार करें?
जनवरी 2026 के ऊंचे स्तर से चांदी की कीमत करीब आधी गिर चुकी है। निवेशकों के सामने सवाल है कि अभी खरीदें या इंतजार करें।
चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। एशियानेट न्यूज कन्नड़ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की शुरुआत में चांदी का भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर था, जो अब लगभग आधा रह गया है। इससे उन लोगों के मन में सवाल उठ रहा है जो चांदी खरीदने या इसमें निवेश करने की सोच रहे थे।
जनवरी के शिखर से अब तक की गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 29 जनवरी 2026 को चांदी प्रति किलो लगभग 3,84,632 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। 27 अक्टूबर तक यह घटकर लगभग 1,90,847 रुपये प्रति किलो रह गई। यानी कुछ ही महीनों में कीमत में 50 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है।
जनवरी में चांदी की तेज बढ़त के कारण कई लोगों ने खरीद का इरादा छोड़ दिया था। इस साल निवेशकों की पसंद में चांदी ऊपर थी, लेकिन अब वही निवेशक दुविधा में हैं।
कीमतें क्यों बदल रही हैं
रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी की कीमत का उतार-चढ़ाव स्थानीय बाजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कारकों पर टिका है। इनमें कच्चे तेल की कीमत, महंगाई, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें शामिल बताई गई हैं।
जब ब्याज देने वाले निवेश विकल्प आकर्षक होते हैं, तो सोने और चांदी जैसी धातुओं की मांग पर दबाव पड़ सकता है, क्योंकि इनसे नियमित ब्याज या आय नहीं मिलती। अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और बॉन्ड यील्ड बढ़ना भी चांदी के भाव को प्रभावित कर रहे हैं।
अभी खरीदें या रुकें? विशेषज्ञों की राय
रिपोर्ट में कुछ निवेशकों के हवाले से कहा गया है कि यह गिरावट लंबी अवधि के निवेश के लिए मौका हो सकती है। वहीं कुछ लोग और कीमत गिरने का इंतजार करना चाहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमत आधी होने के बाद भी यह तय नहीं है कि आगे और गिरावट होगी या नहीं। इसलिए एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी खरीद कर आगे की स्थिति देखना बेहतर माना जाता है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि निवेश से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और जोखिम झेलने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।
चांदी पर नजर रखने वाले संकेत
निवेशकों को अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की चाल, वैश्विक मांग और महंगाई पर नजर रखने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला सिर्फ कीमत गिरने को देखकर नहीं, बल्कि अपनी वित्तीय जरूरतों के आधार पर लेना चाहिए।
आगे क्या
फिलहाल चांदी की कीमत जनवरी के शिखर से काफी नीचे है, लेकिन आगे की दिशा को लेकर कोई पक्का अनुमान नहीं है। निवेश से जुड़े फैसलों से पहले बाजार के संकेत और अपनी जरूरत को समझना जरूरी है।
यह जानकारी केवल सूचना के लिए है, निवेश सलाह के रूप में नहीं।