Trump का 'veto' बयान: डेमोक्रेटिक कांग्रेस आई तो क्या होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर डेमोक्रेट संसद में बहुमत जीतते हैं, तो उनके पास 'veto' की ताकत है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी हवाला दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर मध्यावधि चुनावों के बाद डेमोक्रेट कांग्रेस के एक या दोनों सदनों में बहुमत हासिल करते हैं, तो वे 'veto' यानी किसी विधेयक को रोकने के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। यह बात उन्होंने CBS News को दिए एक फोन इंटरव्यू में कही। इंटरव्यू मंगलवार को चुनाव के दिन मतदान बंद होने से पहले हुआ।
ट्रंप का 'veto' पर रुख
ट्रंप ने कहा, "मेरे पास सबसे बड़ी ताकत है, इसे 'veto' कहते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद को "Mr. Veto" कहे जाने से खुश हैं। उनके मुताबिक, डेमोक्रेटिक विधेयकों को रोकना जरूरी हुआ तो वे ऐसा करेंगे।
ट्रंप का मानना है कि लंबे समय तक veto लगाने से डेमोक्रेट आखिरकार समझौते की मेज पर आ सकते हैं। उन्होंने कहा, "ऐतिहासिक रूप से आप कुछ महीनों तक veto करते हो, फिर वे कहते हैं कि हमें डील करनी होगी।" इससे संकेत मिलता है कि आने वाले साल में राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
ट्रंप ने इस साल के एक सुप्रीम कोर्ट फैसले 'Trump v. Slaughter' का जिक्र किया। यह फैसला 6-3 के बहुमत से आया था और इसके तहत ट्रंप को फेडरल ट्रेड कमीशन की सदस्य रेबेका स्लॉटर को हटाने की अनुमति मिली थी। ट्रंप के अनुसार इससे उन्हें कई संघीय एजेंसियों, बोर्डों और आयोगों पर व्यापक नियंत्रण मिलता है, चाहे संसद में किसी भी पार्टी का बहुमत हो।
ट्रंप ने कहा, "हमने Slaughter केस जीता और इस फैसले ने राष्ट्रपति को वह बड़ी ताकत दी है जो पहले कभी नहीं थी।" उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल वे इसी आधार पर कई क्षेत्रों में कार्यकारी आदेश जारी करने की योजना बना रहे हैं।
इसी बीच, दो करीबी सूत्रों ने बताया कि व्हाइट हाउस में हाल के हफ्तों में कार्यकारी कदमों पर चर्चा हुई है। इन बैठकों में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर और बजट निदेशक रसेल वॉट अहम भूमिका में बताए गए हैं। इन पर इमिग्रेशन और व्यापार जैसे मुद्दे विचाराधीन हैं। सूत्रों के मुताबिक, डेमोक्रेट सत्ता में आए तब भी ट्रंप व्यापार, सीमा, संघीय प्रशासन और विदेश व राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर लगभग सब कुछ अपने हिसाब से करने की ताकत बनाए रखेंगे।
चुनाव प्रचार और मौजूदा माहौल
पोल्स में रिपब्लिकन पार्टी को कुछ सीटों के नुकसान का अनुमान लगाया गया था। CBS News के अक्टूबर के अंत के सर्वे के अनुसार, रिपब्लिकन हाउस पर नियंत्रण खो सकते हैं। फिर भी ट्रंप ने अपनी उम्मीद बनाए रखी और कहा कि उनकी चुनावी रैलियों से माहौल बदला है।
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 29 दिनों में 33 बड़ी रैलियां कीं। उनके मुताबिक, कुछ हफ्ते पहले लोग बड़ी हार की बात कर रहे थे, अब जीत की संभावना पर चर्चा हो रही है। चुनाव के नतीजों के बारे में उन्होंने कोई पक्का अनुमान नहीं दिया और कहा, "हमें देखना होगा।"
सोमवार को ट्रंप ने वॉशिंगटन में लिंकन मेमोरियल के रिफ्लेक्टिंग पूल के सामने भाषण दिया था, जिसमें व्हाइट हाउस और राजधानी की इमारतों के नवीनीकरण की योजना पर बात हुई। ट्रंप ने कहा कि वे राजधानी को अपने डेवलपर के अनुभव से दोबारा संवारना चाहते हैं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की आलोचना का भी जिक्र किया, हालांकि इस पर अलग से कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
आगे क्या हो सकता है
अगर डेमोक्रेट बहुमत जीतते हैं, तो अगले दो साल में veto और कार्यकारी आदेशों को लेकर सरकार और संसद के बीच बड़ा टकराव देखने को मिल सकता है। ट्रंप के करीबी लोगों के अनुसार नई कार्यकारी नीतियों की तैयारी चल रही है, जिसका ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। चुनाव के अंतिम नतीजे आने के बाद ही स्थिति और साफ होगी।