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मैन सिटी पर नई जांच का खतरा? प्रीमियर लीग में 2018 के बाद के दौर पर सवाल

मैन सिटी पर 114 वित्तीय नियम उल्लंघन मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब 2018 के बाद की अवधि को लेकर प्रीमियर लीग में चर्चा तेज है।

मैन सिटी पर नई जांच का खतरा? प्रीमियर लीग में 2018 के बाद के दौर पर सवाल
Photo: Ank kumar / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0 (cropped) · Licence

मैन सिटी (Manchester City) पर एक नई वित्तीय जांच का खतरा मंडराने लगा है। इंग्लिश फुटबॉल के कई अधिकारी चाहते हैं कि प्रीमियर लीग 2018 के बाद के वर्षों की जांच करे या नए आरोप लगाए जाएं। क्लब ने पहले ही 114 वित्तीय नियम उल्लंघन के आरोपों में दोषी ठहराए जाने के फैसले के खिलाफ अपील की हुई है।

द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, स्वतंत्र आयोग के फैसले में कहा गया है कि क्लब ने अपने प्रायोजकों की कीमत बढ़ाने के लिए मालिकों के छिपे हुए निवेश का इस्तेमाल किया। आयोग ने अबू धाबी स्थित प्रायोजकों को क्लब से 'संबंधित पक्ष' (Related Parties) माना है। अब सवाल यह है कि क्या यह व्यवस्था 2018 के बाद भी जारी रही।

2018 के बाद पर सवाल क्यों

पहली जांच की शुरुआत 2018 में डेर श्पीगल द्वारा प्रकाशित लीक ईमेल से हुई थी, जो 2009 से 2018 की अवधि से जुड़े थे। लेकिन आयोग के फैसले में दिखाए गए ग्राफ और दस्तावेज़ों के बाद अधिकारियों का कहना है कि 2018 के बाद भी कमर्शियल आय लगभग एक जैसी रही। यदि प्रायोजकों से रिश्ते नहीं बदले, तो आगे के सीज़न के लिए भी आरोप बन सकते हैं, क्योंकि क्लब ने न तो इसकी रिपोर्ट दी और न ही प्रायोजन का उचित बाजार मूल्य आंका गया।

रिपोर्ट के मुताबिक 2012, 2014 और 2018 के खिताब छीने जाने की संभावना भी है, हालांकि इसे फिलहाल कम माना जा रहा है। इससे पेप गार्डियोला के दौर की सफलता पर भी नए सवाल उठ सकते हैं। इस दौर में सिटी ने लगातार चार प्रीमियर लीग खिताब समेत छह लीग खिताब सात साल में जीते, एक घरेलू ट्रेबल जीता और 2022-23 में ट्रेबल के साथ चैंपियंस लीग भी जीती।

अधिकारियों में मतभेद

कुछ लोगों का मानना है कि 2018 के बाद के सौदों को संबंधित पक्ष नियमों के तहत देखा गया होगा और वे उचित बाजार मूल्य पर तय हुए होंगे। वहीं दूसरी राय यह है कि बिना लीक ईमेल जैसे नए सबूतों के नई जांच के लिए साफ आधार नहीं है। कुछ अधिकारी इसे धैर्य रखने का मामला मानते हैं और कहते हैं कि पहले मौजूदा केस पूरा होने दिया जाए।

कुछ अधिकारियों का यह भी कहना है कि नई जांच के खतरे को सजा पर बातचीत में सौदेबाज़ी के हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका मतलब होगा कि लीग नई फाइल न खोले, और बदले में क्लब मौजूदा मामले में सजा स्वीकार करे। एक सूत्र के हवाले से कहा गया कि ऐसी रियायत क्लब को आगे की सजा से बचा सकती है। हालांकि यह अभी केवल चर्चा है।

क्लब की बिक्री पर असर

मामला क्लब की बिक्री से भी जुड़ा है। नियामक द्वारा जबरन बिक्री या क्लब मालिकों की स्वेच्छा से बिक्री की संभावना पर भी बात हो रही है। नई जांच से संभावित खरीदारों को भविष्य की सजा और अनिश्चितता का डर हो सकता है। कुछ लोगों को आशंका है कि एक और जांच में पांच साल या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है।

आगे क्या होगा

मैन सिटी अभी भी अपने निर्दोष होने का दावा कर रहा है और अपील को लेकर आश्वस्त है। प्रीमियर लीग ने द इंडिपेंडेंट के अनुरोध पर टिप्पणी के लिए संपर्क किए जाने की बात कही है, जबकि लीग का नीति-निर्देश मामला पूरी तरह खत्म होने तक इस पर चर्चा न करने का रहा है। सजा का फैसला इसी महीने आने की उम्मीद है, लेकिन अपील और सजा तय होने तक नई जांच पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

SADDAM ADIL

Editor-in-chief

Saddam Adil is a journalist and digital media professional focused on delivering clear, factual, and engaging news.

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