अक्षर पटेल: फॉर्म में गिरावट पर सवाल, टी20 सीरीज़ में बड़ी चुनौती
अक्षर पटेल के टी20 प्रदर्शन में गिरावट पर चर्चा तेज है। वर्ल्ड कप के बाद उनकी इकॉनमी बढ़ी है और सटीक लाइन-लेंथ पर सवाल उठ रहे हैं।
भारतीय स्पिनर अक्षर पटेल इन दिनों सर्च में सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं। टी20 क्रिकेट में उनके हाल के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार उनकी गेंदबाज़ी में वह धार कम दिख रही है, जिसके लिए वे जाने जाते हैं।
आंकड़े क्या कहते हैं
रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ल्ड कप के बाद अक्षर ने 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 9.1 रन प्रति ओवर दिए हैं। इससे पहले उनकी इकॉनमी 7.7 रन प्रति ओवर थी। एशियाई खेलों और जापान के एक मैच को छोड़ दें, तो उनका रन रोकने का असर कम हुआ है।
इंग्लैंड, वेस्टइंडीज़ और न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ों ने उनके खिलाफ क्रमशः 11.14, 12.21 और 12.75 रन प्रति ओवर की रफ़्तार से रन बनाए। रिपोर्ट यह भी कहती है कि कुछ पिचें बहुत सपाट थीं, फिर भी बल्लेबाज़ों को रोकना उनकी पहचान रही है।
गेंद पर नियंत्रण में कमी
रिपोर्ट के अनुसार अक्षर की सबसे बड़ी ताक़त उनकी लाइन, लेंथ और गेंद की गति पर नियंत्रण रही है। अब उनकी गेंदें अक्सर वहां नहीं पड़ रहीं, जहां वे चाहते हैं। कभी गेंद एक गज़ छोटी जाती है, तो कभी एक इंच फुल।
क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल में उन्होंने गति बढ़ाने की कोशिश की और गेंद की रफ़्तार 102-103 किमी प्रति घंटा तक गई। रिपोर्ट के मुताबिक़ इससे गेंद की धार कम हुई और बल्लेबाज़ों के लिए उसे खेलना आसान हो गया। फिन एलन और ग्लेन फिलिप्स के खिलाफ कुछ गेंदें लेग-साइड में गईं और कुछ फुल टॉस बन गईं।
विकेट और टीम संतुलन पर असर
अक्षर को हमेशा रन रोकने वाला गेंदबाज़ माना गया है, जो दबाव बनाकर एक छोर को बांधे रखता है। रिपोर्ट के अनुसार उनकी गेंदबाज़ी से विकेट कम मिले हैं, लेकिन उनके न चलने से टीम के पास कोई स्थायी रन-नियंत्रक नहीं रहता।
रिपोर्ट में कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को विकल्प के तौर पर देखा गया है, जो विकेट दिला सकते हैं, पर उनके आने से बल्लेबाज़ी की गहराई कम होती है। निचले क्रम में अक्षर का बल्ला भी उतना नहीं चला है। श्रीलंका के खिलाफ तीन साल पहले खेली गई 63 रन की पारी को छोड़ दें, तो उनकी ज़्यादातर उपयोगी पारियां मध्यक्रम में आई हैं।
आगे क्या
रिपोर्ट मानती है कि यह एक अस्थायी दौर भी हो सकता है। एलन का विकेट और कुछ अच्छी गेंदें यह संकेत देती हैं कि उनमें अभी भी दम है। चयनकर्ताओं के सामने सवाल यह है कि अक्षर पर भरोसा बनाए रखा जाए या टीम में बदलाव किया जाए। रिपोर्ट के मुताबिक़ वाशिंगटन सुंदर और कृणाल पंड्या जैसे विकल्प भी मौजूद हैं।
क्राइस्टचर्च के मैच से पहले टीम के चयन पर चर्चा जारी है। टॉस के बाद अंतिम प्लेइंग इलेवन की तस्वीर साफ होगी।
अभी तक यह आधिकारिक रूप से तय नहीं है कि अक्षर पटेल अगले मैच में खेलेंगे या नहीं।