अल सद बनाम अल-अहली: AFC चैंपियंस लीग एलीट मुकाबले पर सबकी नजर
कतर के अल सद और सऊदी अरब के अल-अहली के बीच AFC चैंपियंस लीग एलीट का चौथा राउंड दोहा में खेला गया। अल-अहली को हाल में घरेलू लीग में बड़ी हार और टीम में अस्थिरता का सामना करना पड़ा है।
एशियाई चैंपियंस लीग एलीट में कतर के अल सद और सऊदी अरब के अल-अहली के बीच मुकाबला 2 नवंबर 2026 को दोहा में हुआ। यह AFC चैंपियंस लीग एलीट का चौथा राउंड था, जिसे लेकर फुटबॉल प्रशंसकों में खासी दिलचस्पी दिखी। इस मैच को सर्च में भी काफी तलाशा गया।
मैच से पहले अल-अहली की मुश्किलें
अल-अहली इस मुकाबले में ऐसे समय उतरी, जब टीम को कुछ ही दिन पहले रोशन प्रो लीग के 12वें राउंड में अल-शबाब के हाथों 6-1 से हार झेलनी पड़ी थी। खेल वेबसाइट Goal.com के मुताबिक क्लब में प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर अस्थिरता भी है। इसी बीच मुख्य कोच मारिनो पुसिच को लेकर भी चर्चा चल रही है कि वे आने वाले दिनों में पद छोड़ सकते हैं। इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मैच के पहले हाफ में फ्रांस के खिलाड़ी वेलेंटिन अतांगाना चोटिल हो गए। उन्हें मैदान से बाहर ले जाया गया और उनकी जगह ज़ियाद अल-जोहानी को उतारा गया। चोट की गंभीरता की जानकारी सामने नहीं आई है।
गोलकीपर की वापसी से राहत
मैच से पहले अल-अहली के लिए एक अच्छी खबर भी आई। सऊदी अखबार अररियादिया की रिपोर्ट के अनुसार सेनेगल के गोलकीपर एडुआर्ड मेंडी चोट से उबरकर वापसी के करीब हैं। 34 साल के मेंडी कुछ मैच चोट के कारण नहीं खेल पाए थे, और अब उन्हें शुरुआती लाइन-अप में जगह मिलने की उम्मीद है।
टीम ने शनिवार को होटल में रिकवरी वर्क किया। रविवार को मैच से पहले आखिरी मुख्य ट्रेनिंग सेशन होना था, जिसके पहले 15 मिनट मीडिया को देखने दिए जाने थे। ग्रुप में अल-अहली 7 अंक के साथ तीसरे स्थान पर है, जिसमें दो जीत और एक ड्रॉ शामिल हैं।
खिताब की हैट्रिक पर नजर
अल-अहली ने AFC चैंपियंस लीग एलीट के पिछले दो संस्करण जीते हैं। लगातार तीसरा खिताब जीतना अब तक अनोखा होगा, और टीम इसी लक्ष्य के साथ खेल रही है। सऊदी क्लब के लिए यह मुकाबला ग्रुप में अपनी स्थिति मजबूत करने और टूर्नामेंट में बने रहने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
आगे क्या
मैच के नतीजे, गोल करने वाले खिलाड़ियों और टीमों की अंतिम लाइन-अप की पुष्टि के लिए आधिकारिक स्कोरकार्ड देखना जरूरी होगा। अतांगाना की चोट और कोच की स्थिति पर आने वाले दिनों में स्पष्टता की उम्मीद है। फिलहाल इतना तय है कि यह मुकाबला अल-अहली के लिए चुनौतीपूर्ण दौर में एशियाई मंच पर वापसी का अवसर था।