MLC चुनाव नतीजे: अपनी सीटों पर सपा की जीत, अमित शाह का कांग्रेस पर तंज
चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के नतीजों के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला तेज किया. वाराणसी में सपा ने अपनी सीटें बचाईं और इलाहाबाद-झांसी सीट पर मान सिंह यादव जीते.
विधान परिषद के MLC चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट करके कांग्रेस की सीटों की संख्या पर तंज कसा. उन्होंने लिखा, "28 में से कितनी सीटें जीती... 0" और साथ में "Ballot Box इस्तीफा दो..." भी लिखा.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बुधवार को इसी मुद्दे पर कांग्रेस से सवाल किया था. उन्होंने एक्स पर लिखा कि चार बड़े राज्यों में 28 सीटों पर चुनाव बैलेट पेपर से हुए और अनुमान लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं.
किन राज्यों में हुआ मतदान
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की विधान परिषद की 28 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था. उत्तर प्रदेश में छह शिक्षक और पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, बिहार में चार, कर्नाटक में दो और महाराष्ट्र में तीन स्नातक तथा दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव हुए.
इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया. कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल लंबे समय से मांग करते रहे हैं कि भविष्य में चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराए जाएं. कर्नाटक में कांग्रेस चारों सीटों पर हार गई, जिसके बाद बीजेपी ने पार्टी के प्रदर्शन पर सवाल उठाए.
वाराणसी में सपा की बढ़त
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों में बीजेपी ने कुल मिलाकर बढ़त बनाए रखी. उसने पांच सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि एक और सीट पर उसकी बढ़त बताई गई. इसके बावजूद वाराणसी की दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन चर्चा में है.
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के लाल बिहारी यादव ने बीजेपी के प्रमोद कुमार मिश्रा को 4,898 मतों से हराया. 2020 के चुनाव में मिश्रा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 936 मतों से हारे थे. इस बार जीत का अंतर काफी बढ़ गया.
वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा भाजपा उम्मीदवार केदारनाथ सिंह के मुकाबले मजबूत स्थिति में थे. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उनकी निर्णायक जीत तय मानी जा रही थी. मतगणना के दौरान बीजेपी ने धांधली के आरोप लगाए थे, जिसके बाद प्रशासन ने पांचवें चरण की गिनती कुछ समय के लिए रोक दी थी. बाद में गिनती फिर शुरू हुई.
लाल बिहारी यादव ने जीत के बाद शिक्षकों का समर्थन मिलने का दावा किया और इसका श्रेय सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिया. उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि यूजीसी से जुड़े विवाद का चुनाव पर खास असर नहीं पड़ा और नौकरी की सुरक्षा चाहने वाले लोग सपा के साथ रहे. वाराणसी प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र है, इसलिए यहां सपा का प्रदर्शन राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.
इलाहाबाद-झांसी सीट पर जश्न
इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी सीट से सपा प्रत्याशी और पूर्व एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव की जीत पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी जताई. यह कार्यक्रम अखिलेश यादव के आह्वान पर आयोजित हुआ था.
वरिष्ठ सपा नेता रामनरेश पटेल सहित कई नेताओं ने मान सिंह यादव को बधाई दी. नेताओं ने कहा कि यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत, एकजुटता और मतदाताओं के भरोसे का नतीजा है.
आगे क्या
अब तक की जानकारी के अनुसार, विधान परिषद की 28 में से नतीजे आ चुके हैं और बीजेपी व कांग्रेस एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रही हैं. वाराणसी में बीजेपी के धांधली के आरोपों पर प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बहस भी इन नतीजों के बाद तेज हो गई है.
विधान परिषद चुनाव में वरीयता आधारित मतदान प्रणाली इस्तेमाल होती है और इन सीटों पर आम मतदाता नहीं, बल्कि पंजीकृत शिक्षक और स्नातक मतदाता वोट देते हैं. यह चुनावी गणित सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनावों से अलग होता है.
कांग्रेस की ओर से अमित शाह और प्रधानमंत्री के बयानों पर अभी इस रिपोर्ट में कोई जवाब दर्ज नहीं है.