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Vijayawada मौसम: चक्रवात मुरासु से आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, दो की मौत

चक्रवात मुरासु ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश के दक्षिण तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं लाईं। बापटला जिले में दो लोगों की मौत हुई और 52,459 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई।

Vijayawada मौसम: चक्रवात मुरासु से आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, दो की मौत
Photo: VIIRS Imagery from NOAA’s Suomi-NPP Satellite / Wikimedia Commons, Public domain (cropped)

Vijayawada और आसपास के इलाकों में मौसम की स्थिति चक्रवात मुरासु की वजह से बिगड़ी है। मंगलवार, 3 नवंबर को यह तूफान आंध्र प्रदेश के दक्षिण तटीय हिस्से से टकराया। इसमें कम से कम दो लोगों की मौत होने की खबर है, और कई जिलों में फसलों, मकानों और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा है।

कहां और कितना नुकसान

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने दोनों मौतों की पुष्टि की है। उनके अनुसार बापटला जिले में चिननगंजम में 25 साल के एक युवक और करमचेडु में 65 साल की एक महिला की इमारत गिरने से मौत हुई। मुरासु के कारण 52,459 हेक्टेयर में खड़ी फसलें बर्बाद हुई हैं और 312 घर प्रभावित हुए हैं।

प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक कुल नुकसान 344 करोड़ रुपये का है। जैन ने कहा कि यह नुकसान एक हफ्ते पहले आए चक्रवात अर्नब से कम है। प्रकाशम जिले में 30 से ज्यादा पेड़ सड़कों पर गिरे और करीब 300 पेड़ उखड़ गए। 200 से अधिक मोबाइल टावर भी प्रभावित हुए हैं।

प्रभावित इलाकों के लगभग 12,230 लोग गुंटूर, बापटला और पलनाडु जिलों के राहत केंद्रों में हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक लैंडफॉल के समय अधिकतम हवा की रफ्तार 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।

बारिश के आंकड़े और चेतावनी

तूफान ओंगोले के पास सुबह 3:30 से 8:30 बजे के बीच तट से टकराया। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और एनटीआर, पलनाडु और बापटला जिलों में बहुत भारी बारिश हुई। मारिपालेम (पलनाडु) में दिन की सबसे ज्यादा 263.75 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि गणपवरम में 246.7 मिमी और कोनंकी (बापटला) में 213.25 मिमी बारिश हुई।

एनटीआर जिले की बुडमेरु नदी में पानी का भारी बहाव होने की उम्मीद है। इसी नदी ने 2024 में Vijayawada में बाढ़ ला दी थी। इसलिए निचले इलाकों के लोगों को राहत केंद्रों में ले जाया जा रहा है।

ट्रेन, उड़ान और सरकार का जवाब

खराब मौसम से परिवहन पर भी असर पड़ा। 35 से ज्यादा ट्रेनें रद्द हुईं, 14 का रास्ता बदला गया और आठ का समय बदला गया। कई उड़ानें भी रद्द हुईं।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सरकार ने अर्नब और मुरासु दोनों से निपटने में अच्छा काम किया। उन्होंने केंद्र और तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु की सरकारों की मदद के लिए आभार जताया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नायडू से बात की और कहा कि केंद्र आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि NDRF और SDRF की टीमें राहत कार्य में लगी हैं।

कोलकाता और दक्षिण बंगाल में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जैसा टेलीग्राफ इंडिया ने लिखा है।

आगे क्या

IMD के अनुसार मुरासु कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदलने और तेलंगाना की ओर बढ़ने का अनुमान है। Vijayawada और आसपास के जिलों में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देश मानने की सलाह दी गई है। मौतों और नुकसान के आंकड़े प्रारंभिक हैं और अंतिम आंकड़े बाद में आ सकते हैं।

SADDAM ADIL

Editor-in-chief

Saddam Adil is a journalist and digital media professional focused on delivering clear, factual, and engaging news.

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