तेलंगाना में धान खरीद केंद्र शुरू, नर्सापुर विधायक ने किया उद्घाटन
नर्सापुर विधायक वाकिटी सुनीता लक्ष्मारेड्डी ने कई गांवों में धान खरीद केंद्रों का उद्घाटन किया। किसानों को सरकारी केंद्रों पर धान बेचने और समर्थन मूल्य पाने की सलाह दी गई।
तेलंगाना के नर्सापुर विधायक वाकिटी सुनीता लक्ष्मारेड्डी ने किसानों की सुविधा के लिए कई गांवों में धान खरीद केंद्रों का उद्घाटन किया है। उन्होंने किसानों से अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर बेचने और सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य का लाभ लेने की अपील की। ये केंद्र धान की खरीद को आसान और बिना परेशानी के बनाने के लिए खोले गए हैं।
किन गांवों में खुले केंद्र
एक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को चिलिपिचेड मंडल के सोमक्कापेट, चिलिपिचेड, चितकुल, रामदासपल्ली, शीलमपल्ली और चंदूर गांवों में केंद्र शुरू किए गए। इनमें से तीन केंद्र सोसाइटी के अंतर्गत और तीन केंद्र आईकेपी के अंतर्गत चलाए जा रहे हैं। एक अन्य रिपोर्ट में कागजमद्दूर, नर्सापुर, पेद्दा चिंतकुंटा और खाजीपेट गांवों में केंद्र शुरू होने की जानकारी दी गई है। दोनों रिपोर्ट अलग-अलग गांवों के नाम बताती हैं, इसलिए केंद्रों की कुल संख्या पर स्थानीय प्रशासन की पुष्टि आगे देखी जानी चाहिए।
समर्थन मूल्य और बोनस
विधायक के अनुसार सरकार ने ए-ग्रेड धान के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म के धान के लिए 2,441 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया है। सात तरह की पतली किस्मों के धान पर प्रति क्विंटल 500 रुपये का अतिरिक्त बोनस देने की बात भी कही गई है।
उन्होंने निजी व्यापारियों से सावधान रहने को कहा। उनके मुताबिक कुछ व्यापारी ज्यादा दाम का लालच देकर किसानों को ठग सकते हैं, इसलिए किसानों को सरकारी केंद्रों पर ही धान बेचना चाहिए।
तौल और परिवहन पर निर्देश
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि खरीद की प्रक्रिया सुचारु रहे और तौल व परिवहन जैसे कामों में आपसी तालमेल बना रहे। केंद्रों पर जरूरी इंतजाम करने और किसानों के लिए मौजूद रहने के निर्देश संबंधित कर्मचारियों को दिए गए। उद्घाटन के मौके पर सोसाइटी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, बीआरएस नेता, सरपंच और किसान मौजूद थे।
आगे क्या
सरकारी केंद्रों पर धान की खरीद शुरू होने से किसानों को समर्थन मूल्य पर बिक्री का मौका मिलेगा। बोनस और खरीद की अंतिम व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग की ओर से आने की उम्मीद है। अभी तक खरीद के पहले दिन की मात्रा या किसानों की कुल संख्या को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।