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वेंकायम खरीद विवाद: तमिलनाडु में 450 टन प्याज का पता नहीं, सरकार ने ऑर्डर रद्द किया

तमिलनाडु के राशन दुकानों के लिए मंगाए गए 450 टन प्याज को लेकर विवाद है। राज्य सरकार ने माल को घटिया बताकर ऑर्डर रद्द किया, जबकि अधिकारियों के बयानों में अंतर है।

वेंकायम खरीद विवाद: तमिलनाडु में 450 टन प्याज का पता नहीं, सरकार ने ऑर्डर रद्द किया
Photo: Abraham / Wikimedia Commons, CC0 (cropped) · Licence

तमिलनाडु में राशन दुकानों पर सस्ते दाम पर बेचने के लिए महाराष्ट्र से मंगाए गए 450 टन प्याज को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने यह माल घटिया बताकर लेने से इनकार कर दिया, लेकिन इसके बाद यह सवाल उठ गया है कि यह प्याज आखिर गया कहां। इसी बीच विपक्षी नेता एडप्पाडी के. पलनिस्वामी ने सरकार की आलोचना की है।

खरीद का पूरा मामला

बाजार में बड़े प्याज का भाव 70 से 80 रुपये प्रति किलो बताया गया है। कीमतों पर काबू के लिए राज्य की सहकारी विभाग की ओर से नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन यानी 'नाफेड' के जरिए प्याज खरीदा गया था। अब तक तीन चरणों में प्याज बेचा जा चुका है।

चौथे चरण के लिए नाफेड ने 450 टन प्याज भेजा, जिसकी कीमत 29 रुपये प्रति किलो बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों की टीम महाराष्ट्र के नासिक में थी, लेकिन इसी बीच माल ट्रेन से चेन्नई भेज दिया गया। शनिवार को चेन्नई पहुंचे प्याज की जांच में 25 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा खाने लायक नहीं मिला।

अधिकारियों के बयानों में अंतर

सहकारी और खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने यह प्याज नहीं लिया और इसका भुगतान भी नहीं किया गया। घटिया माल के कारण खरीद का ऑर्डर 31 अक्टूबर को रद्द कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, वापस लेने की जिम्मेदारी नाफेड की है।

दूसरी ओर, रेलवे अधिकारियों ने कहा कि महाराष्ट्र से आया प्याज वापस नहीं भेजा गया। उनके मुताबिक, माल को तमिलनाडु सरकार के अधिकारी ले गए थे। रेलवे ने यह भी कहा कि वापस भेजने के लिए उनकी अनुमति लेनी होती, जो नहीं मांगी गई। रेलवे टर्मिनल पर अब प्याज नहीं होने की बात कही गई है।

राज्य सरकार ने साफ किया है कि चेन्नई के कोरुक्कुपेट टर्मिनल पर पड़ा घटिया प्याज न तो नाफेड का है और न ही सहकारी विभाग का। इस दावे से भी मामला उलझ गया है, क्योंकि इससे माल के मालिकाना हक पर सवाल खड़े होते हैं।

विपक्ष का हमला

अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के. पलनिस्वामी ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 450 टन प्याज नहीं मिल रहा है और कीमतों पर नियंत्रण के उपायों पर सावधानी से काम होना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोरुक्कुपेट गोदाम में करीब 250 टन प्याज कई दिनों से लॉरी से नहीं उतारा गया, जिससे वह सड़ रहा है।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं मिली है और सरकार की ओर से इस पर अलग से कोई विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है। पलनिस्वामी ने इसे जनता के पैसे की बर्बादी बताया।

आगे क्या होगा

अब तक यह साफ नहीं है कि 450 टन प्याज कहां गया और उसकी जिम्मेदारी किसकी है। सरकार ने घटिया माल का ऑर्डर रद्द कर दिया है, लेकिन रेलवे और राज्य के अधिकारियों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। आने वाले दिनों में जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

फिलहाल इतना तय है कि तमिलनाडु में प्याज की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और राशन दुकानों पर सस्ते प्याज की योजना पर सवाल उठ रहे हैं।

SADDAM ADIL

Editor-in-chief

Saddam Adil is a journalist and digital media professional focused on delivering clear, factual, and engaging news.

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