नेडुम्बस्सेरी कार हादसा, तीन बाइक सवारों की मौत, ईडीआर जांच के लिए जर्मनी भेजा जाएगा
कोच्चि के नेडुम्बस्सेरी में मिनी कूपर हादसे में तीन बाइक सवारों की मौत हुई। कार का ईडीआर जांच के लिए जर्मनी भेजा जाएगा, आरोपियों की जमानत अर्जी दायर हुई।
केरल के कोच्चि जिले के नेडुम्बस्सेरी में मिनी कूपर कार की टक्कर में बाइक सवार तीन लोगों की मौत हो गई। यह हादसा 11 अक्टूबर की सुबह हुआ था। पुलिस के मुताबिक कार चलाने वाले युवक ने कथित रूप से शराब पी रखी थी, हालांकि यह जांच का विषय है।
मरने वाले और केस की स्थिति
मरने वालों में वायनाड के मटक्किमला की देविका संतोष, पालक्कड़ के मन्नारक्काड की गोपिका और कर्नाटक के सुल्या के इयास शामिल हैं। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था।
नेडुम्बस्सेरी पुलिस ने 19 साल के सुहैल सजीव के खिलाफ गैर-जमानती धारा में कुल्पेबल होमिसाइड यानी आपराधिक मानव वध का मामला दर्ज किया है। मामले में चार आरोपी बताए गए हैं। अंगमाली मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद आरोपियों ने एर्नाकुलम सेशन कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी है। पुलिस भी आरोपियों को दोबारा कस्टडी में लेने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।
कार की जांच में क्या मिला
कार के इवेंट डेटा रिकॉर्डर (ईडीआर) से जानकारी निकालने की कोशिश हुई, लेकिन हादसे के समय कार की रफ्तार का पता नहीं चल सका। विशेषज्ञों ने पुलिस और मोटर वाहन विभाग को यह जानकारी दी है। अब पुलिस सड़क के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रफ्तार का अनुमान लगाने की कोशिश कर रही है।
अंगमाली ज्वाइंट आरटीओ ने पुलिस को रिपोर्ट दी है कि कार में मशीनी खराबी इसकी वजह नहीं पाई गई। मोटर वाहन विभाग की जांच में कार के साइलेंसर में बदलाव किए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे तेज रफ्तार में तेज आवाज निकलती थी।
ईडीआर जर्मनी क्यों जाएगा
रिपोर्टों के अनुसार कार का ईडीआर जर्मनी में बीएमडब्ल्यू के मुख्यालय भेजा जाएगा, क्योंकि वहां के विशेषज्ञ ही उसका डेटा खोल सकेंगे। कंपनी की निजता नीति के चलते यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे पुलिस को गाड़ी के अंदर के आंकड़े मिलने में देरी होगी।
परिवारों और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
गोपिका के परिवार ने सरकार को पत्र लिखकर विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने की मांग की है। परिवार ने इसके लिए एडवोकेट जॉन एस. राल्फ का नाम सुझाया है। यह पत्र मुख्यमंत्री और गृह विभाग के सचिव को भेजा गया है।
आरोपी सुहैल सजीव की मां नूहा सजीव ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर तीनों मृतकों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों को खोने का दर्द समझ से परे है। साथ ही उन्होंने अपने परिवार की निजता का सम्मान करने और बिना पुष्टि की खबरें न फैलाने की अपील की। अंगमाली मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपियों को विय्यूर सेंट्रल जेल भेजने की मांग वाली अर्जी भी खारिज कर दी है।
आगे क्या होगा
अभी तक कार की रफ्तार और हादसे से पहले की गतिविधियों की पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। ईडीआर की रिपोर्ट आने में समय लगेगा, इसलिए पुलिस का फोकस सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और कोर्ट की सुनवाई पर है। सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी पर होने वाली सुनवाई इस मामले की अगली अहम कड़ी होगी।