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వరద ముప్పు: ‘मुरासु’ तूफान के असर से आंध्र प्रदेश में सड़कें और खेत डूबे

‘मुरासु’ तूफान के असर से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हुई। गुंटूर में सड़कों पर पानी बहा, मिर्च की फसल डूबी और श्रीकाकुलम में धान के खेत प्रभावित हुए।

వరద ముప్పు: ‘मुरासु’ तूफान के असर से आंध्र प्रदेश में सड़कें और खेत डूबे
Photo: VIIRS Imagery from NOAA’s Suomi-NPP Satellite / Wikimedia Commons, Public domain (cropped)

आंध्र प्रदेश में ‘मुरासु’ चक्रवाती तूफान के असर से कई इलाकों में भारी बारिश हुई और बाढ़ जैसे हालात बन गए। गुंटूर जिले के वट्टिचेरुकूरु मंडल के पुल्लडिगुंटा में सड़कों पर पानी भर गया, वहीं श्रीकाकुलम जिले में धान की खड़ी फसल और कटी हुई फसल को नुकसान की खबरें हैं। खबरों के मुताबिक तूफान का असर सोमवार सुबह से दिखने लगा था।

गुंटूर में सड़कें बनीं नदी

एक रिपोर्ट के अनुसार, कोकुमानु इलाके में तेज बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया और सड़कें नदी जैसी दिखने लगीं। मलिनेनी कॉलेज के पास गुंटूर की मुख्य सड़क पर पानी बहता दिखा, जिससे वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई।

बाढ़ का पानी विंजनमपाडु गांव तक पहुंचा और वहां मिर्च की फसल पानी में डूब गई। विंजनमपाडु जाने वाली मुख्य सड़क पर भी आवाजाही रुक गई थी।

कावली में पेड़ गिरे, ट्रेनें रुकीं

तूफान की दिशा बदलने से कावली के लोगों ने राहत की सांस ली। शुरुआत में खबरें थीं कि तूफान कावली के पास से टकराएगा, लेकिन यह ओंगोले के पास तट से टकराया। इसके बावजूद तेज हवाओं से शहर में कई जगह पेड़ गिर गए।

अन्नगारिपालेम और रुद्रकोट गांवों में बिजली के खंभे गिरने से सप्लाई बाधित हुई। बिजली विभाग के एई चेजर्ला श्रीनिवासुलु रेड्डी की देखरेख में नए खंभे लगाकर बिजली बहाल की गई। कावली और बिट्रगुंटा स्टेशनों पर धनबाद और शबरी एक्सप्रेस रोकी गईं, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।

रेड क्रॉस की स्थानीय टीम ने फंसे यात्रियों के लिए 2,000 पानी की बोतलें, 2,000 बिस्किट पैकेट, इतने ही चिक्की और ब्रेड पैकेट बांटे। बच्चों की जरूरतों का खास ध्यान रखा गया।

श्रीकाकुलम में धान की फसल पर संकट

आंध्रज्योति की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले आए ‘अर्नब’ तूफान के असर से जिले में करीब 21,519 हेक्टेयर धान की फसल पानी में डूब चुकी थी। इसके बाद ‘मुरासु’ के असर से सोमवार सुबह हुई बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के समय बार-बार आ रहे तूफानों से उन्हें नुकसान हो रहा है।

नरसन्नपेट, टेक्कली और श्रीकाकुलम मंडल के कई गांवों में धान के खेतों में पानी भर गया। कटी हुई फसल भीगने और कुछ जगह अनाज में अंकुर आने की शिकायतें भी सामने आईं। श्रीकाकुलम में आरटीसी कॉम्प्लेक्स में पानी भर गया, जिससे यात्रियों को बस पकड़ने में दिक्कत हुई।

आगे क्या

अभी तक नुकसान के पूरे आंकड़े सामने नहीं आए हैं और मौतों या बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान की कोई पुष्टि इन रिपोर्टों में नहीं है। प्रभावित इलाकों में बिजली, सड़क और रेल सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश हो रही है। किसानों के नुकसान का आकलन आने के बाद ही मुआवजे की स्थिति साफ होगी।

(नोट: तूफान से जुड़े नुकसान के आधिकारिक आंकड़े अभी पुष्ट नहीं हुए हैं।)

SADDAM ADIL

Editor-in-chief

Saddam Adil is a journalist and digital media professional focused on delivering clear, factual, and engaging news.

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