Entertainment

मनोज बाजपेयी ने ट्रोलिंग पर कहा, परिवार को निशाना बनाया गया; 'गजब रात' विवाद

मनोज बाजपेयी ने 'गजब रात' फिल्म के विवाद के बीच कहा कि उनके परिवार को अनजान लोगों ने निशाना बनाया। फिल्म का नाम पहले 'घूसखोर पंडत' था।

मनोज बाजपेयी ने ट्रोलिंग पर कहा, परिवार को निशाना बनाया गया; 'गजब रात' विवाद
Photo: Derivative from two free works originally uploaded from BollywoodHung… / Wikimedia Commons, CC BY 3.0 (cropped) · Licence

अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी नई फिल्म 'गजब रात' को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म के नाम और उससे जुड़े विवाद के बीच उन्होंने कहा है कि उनके परिवार को "फेसलेस" लोगों ने निशाना बनाया। यह बात मनोज बाजपेयी के हवाले से एनडीटीवी और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में सामने आई है।

विवाद की शुरुआत कहां से हुई

फिल्म को पहले 'घूसखोर पंडत' नाम से बनाया जा रहा था। इस शीर्षक पर विवाद खड़ा हुआ, जिसके बाद निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलकर 'गजब रात' कर दिया। द हिंदू की समीक्षा के अनुसार, नया नाम किसी एक पहचान से जुड़ा न होकर पूरे सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में मनोज बाजपेयी ने ट्रोलिंग पर सवाल उठाया और पूछा कि वे किस से सामना करें, क्योंकि ज्यादातर हमले गुमनाम खातों से हो रहे थे। एनडीटीवी ने भी उनके इसी बयान को प्रमुखता से छापा है।

फिल्म की कहानी और किरदार

'गजब रात' में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट लेकिन चतुर पुलिस अफसर अजय निवृत्त की भूमिका में हैं। समीक्षा के मुताबिक, अजय एसएचओ राना (राजीव गुप्ता) के साथ मिलकर सिस्टम का फायदा उठाता है और अपने फार्महाउस के सपने पूरे करने की योजना बनाता है। एक रात एक होटल पर छापे के बाद मामला अचानक एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में बदल जाता है।

कहानी तब मोड़ लेती है जब दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक लड़की चलती एसयूवी से कूद जाती है। केस अजय को सौंपा जाता है, क्योंकि वह घटनास्थल के सबसे नजदीक था। इसके बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता, सीबीआई अधिकारी और एनआईए के एक अधिकारी की एंट्री होती है, जो उसके अधिकार छीनकर उसे जांच से हटाना चाहते हैं।

समीक्षकों की राय और अभिनय

द हिंदू की समीक्षा में मनोज बाजपेयी के अभिनय की खास तारीफ की गई है। समीक्षक के अनुसार, वे इस बार तेज और बेचैन अंदाज में डायलॉग बोलते दिखते हैं, जो एक निचले स्तर के पुलिसकर्मी के भीतर चल रहे डर को सामने लाता है। समीक्षा में राजीव गुप्ता और दिव्या दत्ता के किरदारों की भी सराहना की गई है।

समीक्षा के मुताबिक, फिल्म सिर्फ एक भ्रष्ट पुलिसवाले की कहानी नहीं है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे लालच और सत्ता के अलग-अलग स्तरों पर भ्रष्टाचार का रूप बदल जाता है। फिल्म का निर्देशन रितेश शाह ने किया है और इसे नीरज पांडे ने लिखा और प्रोड्यूस किया है।

आगे क्या

अभी तक यह साफ नहीं है कि ट्रोलिंग करने वाले कौन लोग थे या उन पर क्या कार्रवाई की गई है। मनोज बाजपेयी के बयान के अलावा इस पर किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। फिल्म का नाम बदलने का फैसला और उसके बाद का विवाद अब फिल्म की चर्चा का बड़ा हिस्सा बना हुआ है।

फिलहाल सबसे बड़ी खबर यही है कि मनोज बाजपेयी ने अपने परिवार पर हुए हमलों को लेकर खुलकर बात की है, और 'गजब रात' अपनी कहानी व अभिनय को लेकर चर्चा में बनी हुई है।

SADDAM ADIL

Editor-in-chief

Saddam Adil is a journalist and digital media professional focused on delivering clear, factual, and engaging news.

Read next

The Chopal Brief

The day's most important stories, straight to your inbox.