आज का सोने चांदी का भाव: सोना एक साल के निचले स्तर के पास, चांदी में भारी गिरावट
आज का सोने चांदी का भाव: अक्तूबर में सोना और चांदी दोनों में गिरावट रही। मंगलवार 3 नवंबर को एमसीएक्स पर सोना करीब 1.39 लाख और चांदी करीब 1.80 लाख रुपए के आसपास दिखी।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। अक्तूबर में दोनों धातुओं ने लगातार दूसरे महीने नकारात्मक रिटर्न दर्ज किया। मंगलवार, 3 नवंबर को घरेलू बाज़ार में भी सोना और चांदी दोनों नीचे कारोबार करते दिखे।
आज के भाव पर एक नज़र
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1,200 रुपए गिरकर 1,39,045 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। चांदी में करीब 3,800 रुपए की गिरावट आई और यह 1,80,001 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास रही।
बुलियन बाज़ार के आसपास के भाव अलग-अलग शुद्धता के हिसाब से इस तरह बताए गए हैं: 24 कैरेट सोना लगभग 1,39,360 रुपए, 22 कैरेट लगभग 1,27,700 रुपए और 18 कैरेट लगभग 1,04,520 रुपए प्रति 10 ग्राम। चांदी का भाव लगभग 1,80,300 रुपए प्रति किलोग्राम बताया गया है। स्थानीय दुकानों के भाव जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण अलग हो सकते हैं।
अक्तूबर में क्यों टूटे भाव
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, 30 अक्तूबर को कॉमेक्स पर सोना एक साल के निचले स्तर पर पहुँच गया और 4,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफ़ी नीचे बंद हुआ। महीने के अंत तक कॉमेक्स पर सोना 7.26 फ़ीसदी गिरकर 3,884.9 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी में इस दौरान 19.1 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हुई और वह 49.13 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक़ कच्चे तेल के दाम बढ़ने, महंगाई बढ़ने की आशंका और अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना ने दबाव बनाया। ब्याज या नियमित आय न देने वाली संपत्तियों पर सख़्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों का असर ज़्यादा पड़ता है। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व ने अक्तूबर में ब्याज दरें 3.75 से 4 फ़ीसदी के दायरे में स्थिर रखीं, लेकिन समिति के दो सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया था।
वित्तीय शोध संस्थान सही के गौरव अरोड़ा ने कहा कि ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं ने सोने पर दबाव बढ़ाया है। उनके अनुसार बाज़ार दिसंबर में एक और बढ़ोतरी की संभावना को ध्यान में रखकर चल रहा है। कोटक महिंद्रा एएमसी के फंड मैनेजर सतीश दोंडापति ने भी कहा कि फेड के सख़्त रुख़ से कीमतों पर दबाव बना हुआ है। ईरान में चल रहे संघर्ष से ऊर्जा बाज़ार प्रभावित है और कच्चा तेल ऊंचा बना हुआ है।
चांदी पर अलग असर क्यों
चांदी को औद्योगिक मांग से भी जोड़कर देखा जाता है। एचएसबीसी के अनुसार, चांदी की इंडस्ट्री और जूलरी दोनों में मांग घट रही है। बैंक को उम्मीद है कि 2027 में चांदी का औसत भाव 64 डॉलर प्रति औंस रहेगा, जबकि इस साल के लिए उसका औसत अनुमान 71 डॉलर प्रति औंस है।
रिपोर्ट के अनुसार अभी एक औंस सोना खरीदने के लिए करीब 79 औंस चांदी लगती है, जो 11 महीनों का सबसे ऊंचा अनुपात है। जनवरी में यह अनुपात 46 औंस के आसपास था। कंसल्टेंसी फर्म मेटल्स फोकस के हवाले से बताया गया है कि 2020 से 2025 के बीच यह अनुपात औसतन 82 रहा था।
आगे क्या हो सकता है
बीबीसी ने तकनीकी स्तरों का ज़िक्र करते हुए लिखा है कि कॉमेक्स पर सोना 3,650 से 3,750 डॉलर के अगले सपोर्ट तक जा सकता है। रुझान बदलने के लिए उसे 4,550 डॉलर के ऊपरी स्तर को पार करना होगा। चांदी के लिए 42 से 43 डॉलर का दायरा संभावित बताया गया है, जबकि 55 डॉलर के स्तर को पार करना नकारात्मक रुझान खत्म करने के लिए ज़रूरी माना गया है।
रॉयटर्स के हवाले से बीबीसी ने यह भी लिखा है कि जब भी सोना 4,000 डॉलर से नीचे जाता है, तो केंद्रीय बैंकों की खरीद आमतौर पर बढ़ती है। जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से सोना करीब 30 फ़ीसदी नीचे आ चुका है। ये अनुमान विश्लेषकों के हैं और कीमतें बाज़ार की स्थिति के हिसाब से तेज़ी से बदल सकती हैं। ख़रीदारी से पहले अपने शहर के सर्राफ़ा बाज़ार के ताज़ा भाव जाँच लें।
यह जानकारी बाज़ार के शुरुआती भावों पर आधारित है। अलग-अलग स्रोतों के भाव में थोड़ा अंतर हो सकता है।
आज का सोने चांदी का भाव अभी उतार-चढ़ाव में है, और आने वाले दिनों में अमेरिकी ब्याज दर और कच्चे तेल की चाल पर इसकी दिशा काफ़ी हद तक निर्भर करेगी।